Ranchi (Jharkhand): झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह हेमंत सरकार की बढ़ती लोकप्रियता और राज्य की बदली हुई तस्वीर से उपजी घबराहट का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने डेढ़ दशक के शासन में झारखंड को बदहाली की स्थिति में छोड़ गई थी और अब जब राज्य विकास की राह पर बढ़ रहा है, तो भाजपा इसे पचा नहीं पा रही है।
पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं की राजनीति आदिवासी, मूलवासी और गरीब विरोधी रही है, इसलिए हेमंत सरकार की उपलब्धियाँ उन्हें दिखाई ही नहीं देतीं। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा शासन के वर्षों में क्या आदिवासी–मूलवासी समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जमीन–जंगल–जल पर अधिकार मिले थे? क्या अधूरे पुल, रुकी सड़कें और बंद पड़ी फैक्टरियाँ झूठ थीं? उन्होंने दावा किया कि हेमंत सरकार ने पिछले पाँच वर्षों में जितना काम किया है, उतना भाजपा अपने लंबे कार्यकाल में भी नहीं कर पाई।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा को कटघरे में खड़ा करते हुए पांडेय ने कहा कि जो पार्टी ईडी के दुरुपयोग, नोटबंदी और सरकारी उपक्रमों की बिक्री जैसे कदमों के जरिए देश में भ्रष्टाचार का नया मॉडल खड़ा कर चुकी है, वह झारखंड पर आरोप लगाने से पहले आत्ममंथन करे। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने पारदर्शिता और निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत किया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर भाजपा की टिप्पणी को हास्यास्पद बताते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक बहाली, स्कूलों का नवीनीकरण, 400 से अधिक उच्च विद्यालयों का उन्नयन और जिलों में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सुविधाएँ हेमंत सरकार की बड़ी उपलब्धियाँ हैं। पांडेय ने कहा कि भाजपा एक आदिवासी नेता की उपलब्धियों को स्वीकार ही नहीं कर सकती।
केंद्र–राज्य संबंधों पर उन्होंने कहा कि केंद्र का सहयोग उपकार नहीं, संवैधानिक जिम्मेदारी है। झारखंड खनिज, ऊर्जा और करों से देश को योगदान देता है। फिर भी भाजपा नेता 1.36 लाख करोड़ की कोयला रॉयल्टी जैसे मुद्दों पर चुप रहते हैं और 1932 खतियान, सरना धर्म कोड और पिछड़ों के आरक्षण पर स्पष्ट रुख नहीं बताते।
घाटशिला उपचुनाव पर भाजपा के बयान को हार की कुंठा बताते हुए पांडेय ने कहा कि जनता ने झामुमो को विकास और विश्वास के आधार पर चुना है। भाजपा इस परिणाम को सहानुभूति बताकर जनता का अपमान कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा झूठ फैलाते–फैलाते थक चुकी है, लेकिन झारखंड की जनता हेमंत सरकार की नीतियों पर भरोसा करती है। अरुण सिंह के बयान उनकी बौखलाहट और निराशा का प्रमाण हैं।
प्रेस बयान :
————भाजपा के आरोप हताशा की उपज, झारखंड की प्रगति को पचा नहीं पा रही भाजपा …
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह द्वारा लगाए गए आरोप झारखंड की बदली हुई ज़मीनी हकीकत और हेमंत सरकार की बढ़ती लोकप्रियता से उपजी घबराहट है। भाजपा अपने डेढ़ दशक के शासन के… pic.twitter.com/Z0xJbp3qh0
— Vinod Kumar Pandey (@VinodPandeyJMM) November 17, 2025
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