Godda, 11 अगस्त: बोआरीजोर थाना स्थित कमलडहरी पहाड़ के पास सोमवार की सुबह पुलिस मुठभेड़ में हिस्ट्रीसीटर और बोरियो विधानसभा पूर्व प्रत्याशी सूर्य नारायण उर्फ सूर्या हांसदा ढेर हो गया है। यह वही सूर्या है, जिसका नाम पिछले कई सालों से इलाके में अपराध और विवादों में गूंजता रहा है। साहिबगंज और गोड्डा पुलिस महीनों से इसकी तलाश में थी, और आखिरकार, मुखबिर की पक्की सूचना पर इसे घेर लिया गया।
रविवार शाम देवघर जिला अंतर्गत मोहनपुर थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव से सूर्या की गिरफ्तारी हुई थी। सूर्या की निशानदेही पर पुलिस उसे हथियार बरामदगी के लिए कमलडहरी पहाड़ ले गई, जहां उसके द्वारा छिपाए गए हथियारों की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान उसके गैंग के कुछ सदस्य जो वहां पहले से मौजूद थे, पुलिस पर फायरिंग की कोशिश की, इस बीच सूर्या एक पुलिस कर्मी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश करने लगा, जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ हुई और सूर्या मौके पर ही ढेर हो गया। मौके से कई हथियार व खोखे बरामद किए गए हैं; पुलिस पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए शव भेज चुकी है। उक्त जानकारी गोड्डा जिला पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार ने प्रेसवार्ता कर दी। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस व प्रशासनिक सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए और आम लोगों का वहां जाना रोका गया।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद इलाके में लोगों की बड़ी भीड़ जमा हो गई, जबकि प्रशासन ने इलाके की सीमाओं को सील कर दिया। मृतक की मां नीलमुनि मुर्मू घटनास्थल पर पहुंची और प्रशासन से शव दिखाने की मांग करती रहीं; प्रशासन ने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद ही शव उन्हें दिया जाएगा।

सूर्यनारायण हांसदा का अपराधिक इतिहास
पुलिस के मुताबिक सूर्या हांसदा लंबे समय से कई संगीन मामलों में वांछित था। उसके नाम पर हत्या, लूट, आगजनी व अन्य गंभीर धाराओं में लगभग दो दर्जनों मामले बताए जा रहे हैं। विशेष रूप से मई 2025 में ईसीएल (Eastern Coalfields Ltd) के राजमहल कोल परियोजना में गोलीकांड और साहिबगंज-गोड्डा जिला में ट्रक, डंपर एवं पोकलेन मशीन में आग लगाने के घटनाओं में उसका नाम सामने आया था, इन्हीं मामलों में वह कई महीनों से फरार था।
सूर्या हांसदा के नाम पर दर्ज मुकदमों की लिस्ट लंबी है, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। अपराध की दुनिया में सक्रिय सूर्या राजनीति की गलियों में भी आवाजाही करता रहा है। चुनावी मैदान में उतरा, पोस्टर-बैनर लगाए, सभाएं की और यही वजह है कि इसके खिलाफ़ कार्रवाई हमेशा सुर्खियों में रही। सूर्या हांसदा का स्थानीय राजनीति में लंबा दख़ल रहा है। वह बोरियो विधानसभा क्षेत्र से चार बार चुनाव लड़ चुका था। 2009 व 2014 में जेवीएम (झारखंड विकास मोर्चा) के प्रत्याशी के रूप में, 2019 में BJP से और 2024 में झामुमो से टिकट कटने के बाद JLKM से चुनाव लड़ा, हालांकि उसे हर बार हार का ही सामना करना पड़ा।
पुलिस ने घटना के तुरंत बाद पंचनामा बनाया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। प्रशासन ने कहा है कि घटनास्थल पर मौजूद सबूतों जैसे हथियार, खोखे, जिंदा खोलें आदि और गवाहों की जांच की जाएगी। साथ ही पुलिस ने कहा है कि घटना में शामिल अन्य सहयोगियों/आरोपियों की पहचान व गिरफ़्तारी के प्रयास तेज किए जा रहे हैं।
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