ईंट भट्ठों के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सख्त निर्देश, अब लगानी होगी पूरी जन्मकुंडली

Strict instructions of Central Pollution Control Board (CPCB) for brick kilns, now complete horoscope will have to be installed

New Delhi/Ranchi: देशभर में संचालित ईंट भट्ठों पर अब और अधिक निगरानी संभव होगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने इन भट्ठों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि हर भट्ठे को अपने परिसर में एक बड़ा सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, जिसमें उनकी पूरी ‘जन्मकुंडली’ दर्ज हो।

इस सूचना पट्ट पर भट्ठे की लोकेशन, डिज़ाइन, मिट्टी की खनन से जुड़ी जानकारी, उत्पादन क्षमता, पर्यावरणीय अनुमति, निरीक्षण की तारीख जैसे महत्वपूर्ण विवरण दर्शाने होंगे। CPCB का मानना है कि यह कदम न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगा, बल्कि प्रदूषण पर नियंत्रण के प्रयासों को भी गति देगा।

बोर्ड पर ईंट भट्ठे का जिओ-कोऑर्डिनेट्स, संपर्क नंबर और डिज़ाइन प्रकार (जिग-जैग, ट्रेंच आदि), खनन स्थल का लोकेशन और मिट्टी की खनन मात्रा, कुल क्षेत्रफल और हरित क्षेत्र का विवरण, वार्षिक ईंट उत्पादन, भूमिगत जल उपयोग की अनुमति, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी का नाम, पिछले निरीक्षण की तारीख और लाइसेंस जारी होने की तिथि इत्यादि प्रमुख जानकारी अंकित करनी होगी।  

CPCB ने यह निर्देश सभी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और समितियों को भेज दिए हैं और स्पष्ट किया है कि इनका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, कार्यान्वयन की रिपोर्ट भी बोर्ड को भेजनी होगी।

गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में ईंट भट्ठों को वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण माना जाता है। इनमें लकड़ी, कोयला, प्लास्टिक और कचरा जैसे ईंधनों का प्रयोग लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। इसके समाधान के रूप में सरकार जिग-जैग तकनीक और पीएनजी गैस आधारित भट्ठों को बढ़ावा दे रही है, जिससे प्रदूषण में काफी कमी लाई जा सकती है। CPCB की इस पहल से न सिर्फ ईंट भट्ठों के कामकाज में जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय प्रशासन और आम जनता को भी जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।

यह देखना दिलचस्प होगा कि झारखंड के साहिबगंज जिले में इन निर्देशों का कितना अनुपालन होता है? साहिबगंज जिले के लगभग सभी ईंट भट्ठों ने अभी तक पर्यावरणीय अनुमति और प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड से निबंधन तक नहीं करवाया है और सालों से दो दर्जन से अधिक ईंट भट्ठे जिले में संचालित हैं। 

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Author: WM 24x7 News

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