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हाई कोर्ट की निगरानी में जांच और दोषी अधिकारियों पर धारा 21 के तहत कार्रवाई की मांग
Ranchi, 20 जुलाई: लातेहार जिले के एक मिशनरी स्कूल में कथित सामूहिक यौन शोषण के गंभीर मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि इस मामले में झारखंड के उच्च पदाधिकारी, खासकर शिक्षा सचिव और जिला प्रशासन, सच्चाई को छिपाने और पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पॉक्सो एक्ट की धारा 19 और 21 स्पष्ट रूप से कहती है कि यदि किसी नाबालिग के साथ यौन अपराध की जानकारी किसी को होती है, तो उसे अनिवार्य रूप से लिखित सूचना पुलिस को देनी होती है। साथ ही, पुलिस को यह मामला 24 घंटे के भीतर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) और पॉक्सो कोर्ट में भेजना होता है।
अजय साह ने सुप्रीम कोर्ट के शंकर किसनराव खाडे बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले का हवाला देते हुए कहा कि यौन अपराध की जानकारी होने के बावजूद अगर सूचना नहीं दी जाती, तो उस व्यक्ति पर पॉक्सो की धारा 21 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
प्रेस वार्ता के दौरान एक ऑडियो क्लिप भी सार्वजनिक की गई, जिसमें छात्राओं द्वारा स्कूल के एक फादर पर पिछले दो वर्षों से एक से अधिक छात्राओं के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक न तो मामला पॉक्सो कोर्ट में दर्ज हुआ है और न ही पुलिस ने संज्ञान लिया है, जो सीधे तौर पर कानून की अवहेलना है।
उन्होंने तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि, क्या अब झारखंड में पॉक्सो कोर्ट का काम भी अफसर करेंगे? पॉक्सो एक्ट की कौन सी धारा किसी अधिकारी को जांच और निर्णय का अधिकार देती है? एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी अब तक पॉक्सो कोर्ट में मामला दर्ज क्यों नहीं हुआ?
प्रदेश प्रवक्ता ने मांग किया कि मामले में तत्काल पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की जाए। झारखंड हाई कोर्ट की जुवेनाइल जस्टिस कम पॉक्सो कमिटी की निगरानी में जांच कराई जाए। जो भी पदाधिकारी मामले को दबाने में संलिप्त पाए जाएं, उनके विरुद्ध पॉक्सो एक्ट की धारा 21 समेत अन्य आपराधिक धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई हो।
इस मामले ने न केवल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पूरे राज्य में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और कानून के अनुपालन को लेकर गंभीर चिंता भी उत्पन्न कर दी है।
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