Sahibganj, 29 जुलाई: शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की अपील समिति ने साहिबगंज कॉलेज की बीएड पाठ्यक्रम हेतु मान्यता रद्द करने के आदेश को बरकरार रखा है। कॉलेज द्वारा दाखिल अपील को समिति ने गंभीर खामियों और लगातार लापरवाही के आधार पर खारिज कर दिया। पूर्वी क्षेत्रीय समिति (ERC) ने 18 मार्च 2025 को साहिबगंज कॉलेज की बीएड मान्यता रद्द कर दी थी, जिसके खिलाफ कॉलेज ने 15 मई 2025 को अपील दायर की थी। अपील की सुनवाई 17 जून 2025 को ऑनलाइन माध्यम से हुई थी, जिसमें कॉलेज की ओर से डॉ. रवीन्द्र प्रसाद ने पक्ष रखा।
हालांकि, अपील समिति ने कॉलेज द्वारा दी गई सफाई और दस्तावेजों को नाकाफी बताया और कई गंभीर कमियों को गिनाया। जैसे, बीएड के दो यूनिट चलाने के लिए आवश्यक संकाय अब तक पूर्ण रूप से नियुक्त नहीं किए गए हैं। लैंड यूज़ सर्टिफिकेट और नॉन-एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट न तो निर्धारित प्रारूप में हैं और न ही न्यूनतम भूमि मानक (2500 वर्ग मीटर) की पूर्ति करते हैं। बिल्डिंग प्लान और बिल्डिंग कंप्लीशन सर्टिफिकेट में आवश्यक विवरण नहीं है या कुछ कॉलम खाली हैं। पिछले छह महीनों का बैंक द्वारा प्रमाणित वेतन भुगतान विवरण कॉलेज द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया। कई दस्तावेज पूर्व में कॉलेज प्राचार्य द्वारा जारी किए गए थे जो सक्षम प्राधिकारी नहीं माने जाते।
समिति ने स्पष्ट कहा कि यह केवल प्रक्रियागत चूक नहीं बल्कि बीएड शिक्षण संस्थान के बुनियादी शैक्षणिक और भौतिक मानकों की गंभीर उल्लंघना है। कॉलेज को वर्षों पहले मान्यता मिली थी, परंतु इतने वर्षों में भी बुनियादी शर्तों को पूरा नहीं किया गया। अपील समिति ने ERC के 18 मार्च 2025 के निर्णय को पूरी तरह न्यायसंगत बताया और साहिबगंज कॉलेज की अपील को खारिज कर दिया।
इस फैसले से साहिबगंज कॉलेज में बीएड पाठ्यक्रम फिलहाल बंद रहेगा। विद्यार्थियों और स्थानीय शिक्षा प्रणाली पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही यह निर्णय अन्य संस्थानों के लिए भी चेतावनी है कि NCTE मानकों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ये भी पढ़ें: Sahibganj: एंटी क्राइम वाहन जांच में दो लाख का मोबाइल बरामद, एक गिरफ्तार









