Sahibganj/Godda, 12 अगस्त: झारखंड के गोड्डा जिले में कुख्यात अपराधी बताए जा रहे सूर्यनारायण हांसदा उर्फ सूर्या हांसदा की कथित मुठभेड़ में मौत को लेकर अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक मामला पहुंच गया है। साहिबगंज जिले के लखीपुर निवासी संत कुमार ने 12 अगस्त 2025 को आयोग में शिकायत दर्ज कराई है, जिसे डायरी नंबर 19364/IN/2025 दिया गया है।
संत कुमार घोष का आरोप है कि यह मुठभेड़ पूरी तरह फर्जी थी और पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद सुनियोजित तरीके से इसे अंजाम दिया। उन्होंने अपनी शिकायत में पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति और मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए शिकायत में लिखा है कि मृतक की पत्नी के अनुसार, सूर्या हांसदा बीमार था और गिरफ्तारी के बाद पुलिस से भागने की स्थिति में नहीं था। पुलिस ने उसे देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया, जबकि मुठभेड़ गोड्डा जिले के बोआरीजोर थाना क्षेत्र के कमलडोरी (रहड़बड़िया) पहाड़ में दिखाई गई। गिरफ्तारी के अगले दिन दिन में निशानदेही कराई जा सकती थी, पर पुलिस ने रात में ही पहाड़ी जंगल में सर्च अभियान चलाने का दावा किया, जो संदेह पैदा करता है। पहाड़ और जंगल में रात के अंधेरे में आधे घंटे तक दोनों तरफ से फायरिंग की बात अविश्वसनीय है। घटनास्थल, समय और पुलिस की जल्दबाजी सभी परिस्थितियां मुठभेड़ की कहानी को संदिग्ध बनाती हैं।

संत कुमार ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए। अब देखना यह होगा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग इस गंभीर आरोप वाले मामले में क्या कदम उठाता है, क्योंकि पुलिस की आधिकारिक कहानी और शिकायतकर्ता के आरोप एक-दूसरे से बिल्कुल विपरीत हैं।
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