Patna: खान सर के अस्पताल में तोड़फोड़! क्यों रातोंरात उखाड़े गए करोड़ों के टाइल्स? वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

Patna: Vandalism in Khan Sir's hospital! Why were tiles worth crores uprooted overnight? You will be surprised to know the reason

Patna: शिक्षा की दुनिया से निकलकर अब स्वास्थ्य क्षेत्र में कदम रख चुके पटना के मशहूर शिक्षक खान सर इन दिनों अपने नए अस्पताल को लेकर सुर्खियों में हैं। दावा किया जा रहा है कि यहां इलाज सरकारी अस्पताल से भी सस्ता होगा और ब्लड बैंक से लेकर डायलिसिस सेंटर व कैंसर यूनिट तक की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। लेकिन इसी अस्पताल में एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने रातों-रात पूरे ऑपरेशन थिएटर की सूरत बदल दी। लाखों-करोड़ों की लागत से लगाए गए महंगे टाइल्स अचानक तोड़ दिए गए और उनकी जगह कुछ और बिछाना पड़ा। आखिर क्यों?

कुछ दिन पहले जब अस्पताल के निर्माण कार्य का निरीक्षण करने अधिकारी पहुंचे, तो उन्होंने एक बड़ी खामी पकड़ ली। खान सर ने पूरे ऑपरेशन थिएटर में चमकदार और महंगे मार्बल जैसे टाइल्स लगवाए थे। देखने में बेहद खूबसूरत यह टाइल्स जब अधिकारियों की नजर में आए तो उन्होंने तुरंत इन्हें हटाने का आदेश दे दिया।

बाद में खान सर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर बताया कि शुरुआत में वह भी इस फैसले से चौंक गए थे। लेकिन जब असली वजह सामने आई तो हैरानी और बढ़ गई। दरअसल, टाइल्स के बीच जो ज्वाइंट बनता है, वह बैक्टीरिया, वायरस और फंगस का अड्डा बन सकता है। यहां तक कि एक सरसों के दाने में हजारों सूक्ष्म जीव समा सकते हैं। ऐसे में ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण का खतरा बढ़ना तय है। इसलिए वहां टाइल्स लगाने की अनुमति ही नहीं होती।

अधिकारियों के निर्देश के बाद अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत महंगे टाइल्स तुड़वाए और उनकी जगह खास किस्म का ओटी मैट बिछाया। यह मैट एकदम स्मूथ होता है और इसमें कोई भी ज्वाइंट नहीं होता। यही वजह है कि इसे खास तौर पर ऑपरेशन थिएटर के लिए बनाया जाता है। देखने में यह बिल्कुल मार्बल जैसा लगता है लेकिन संक्रमण का खतरा इसमें नगण्य होता है।

खान सर ने आगे बताया कि उनके अस्पताल और डायलिसिस सेंटर में किसी को भी ‘मरीज’ या ‘पेशेंट’ नहीं कहा जाएगा। सभी बीमार इंसान उनके लिए “गेस्ट” यानी मेहमान होंगे। उनका तर्क है कि बीमारी से जूझ रहा व्यक्ति पहले ही मानसिक और शारीरिक पीड़ा में होता है, ऐसे में ‘मरीज’ कहने से उसका आत्मविश्वास और टूटता है। इसलिए उनके अस्पताल में हर किसी को सम्मान के साथ मेहमान की तरह ट्रीट किया जाएगा।

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WASIM AKRAM
Author: WASIM AKRAM

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