Chennai: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) अब सरकार गठन के बेहद करीब पहुंच गई है। शनिवार को विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) ने टीवीके को बिना किसी शर्त के समर्थन देने का ऐलान कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने भी विजय के नेतृत्व वाली पार्टी को समर्थन देने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही टीवीके के समर्थन में विधायकों की संख्या बढ़कर 120 पहुंच गई है, जिससे राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
शनिवार शाम आयोजित वीसीके की अहम बैठक में टीवीके को समर्थन देने पर अंतिम फैसला लिया गया। बैठक के बाद पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि राज्य में स्थिर सरकार और भाजपा-विरोधी राजनीति को मजबूती देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। वीसीके के इस फैसले के बाद राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए और विजय की मुख्यमंत्री पद की दावेदारी बेहद मजबूत हो गई।
4 मई को घोषित तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणामों ने पूरे देश को चौंका दिया था। पहली बार चुनाव मैदान में उतरी टीवीके ने द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) जैसी स्थापित पार्टियों को पीछे छोड़ते हुए सबसे बड़ी पार्टी बनने का गौरव हासिल किया था। हालांकि पार्टी 108 सीटों पर ही सिमट गई थी और बहुमत के आंकड़े से 10 सीट दूर रह गई थी। इसके बाद कांग्रेस के पांच विधायकों ने विजय को समर्थन दिया। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) के दो-दो विधायकों ने भी टीवीके के पक्ष में समर्थन का ऐलान किया था। इन समर्थन के बाद आंकड़ा 116 तक पहुंच गया था।
अब वीसीके और IUML के समर्थन ने टीवीके को स्पष्ट बहुमत के पार पहुंचा दिया है। पार्टी की ओर से सहयोगी दलों का आभार व्यक्त करते हुए टीवीके नेता अर्जुन ने कहा कि जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है और अब विजय राज्य में नई सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में विकास, पारदर्शिता और नई राजनीति का दौर शुरू होने जा रहा है।
इधर, अन्नाद्रमुक प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी शनिवार को राजनीतिक हलचल तेज कर दी थी। पलानीस्वामी ने सरकार बनाने वाली पार्टी को बधाई देते हुए लिखा कि हाल ही में संपन्न 17वें तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विभिन्न दलों के उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया और जीत दर्ज की। उन्होंने राज्य में सरकार बनाने वाली पार्टी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उनके इस बयान के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में टीवीके को समर्थन मिलने की अटकलें तेज हो गई थीं।
तमिलनाडु की राजनीति में यह बदलाव ऐतिहासिक माना जा रहा है। लंबे समय तक डीएमके और एआईएडीएमके के बीच सीमित रही राज्य की सत्ता में अब विजय की एंट्री ने एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत कर दी है।
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