Ranchi: झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम आखिरकार दो साल बाद जेल से बाहर आ गए। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद बेल ऑर्डर की कॉपी पहुंचते ही गुरुवार को उन्हें रांची स्थित होटवार जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर निकलते ही भावुक माहौल देखने को मिला, जहां उनकी विधायक पत्नी निसात आलम और पोते ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक भी मौके पर मौजूद रहे और अपने नेता की रिहाई पर खुशी जाहिर की।
जेल से बाहर आते ही समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई कार्यकर्ता फूल-मालाएं लेकर पहुंचे थे, जबकि समर्थकों ने नारेबाजी कर आलमगीर आलम का स्वागत किया। लंबे समय बाद अपने नेता को सामने देखकर समर्थकों की आंखों में खुशी साफ झलक रही थी। पूरे इलाके में जश्न जैसा माहौल बना हुआ है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई को आलमगीर आलम को जमानत दे दी थी, लेकिन बेल ऑर्डर की कॉपी समय पर नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई में दो दिनों की देरी हो गई। आदेश की प्रति जेल प्रशासन तक पहुंचने के बाद रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई और गुरुवार को वह जेल से बाहर आए।

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 15 मई 2024 को आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया था। इससे पहले 6 मई 2024 को ईडी ने उनके पीए संजीव लाल और उसके सहायक जहांगीर आलम से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसी को जहांगीर आलम के फ्लैट से 32 करोड़ 20 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। इसी मामले में पूछताछ के बाद आलमगीर आलम की गिरफ्तारी हुई थी।
करीब दो वर्षों तक जेल में रहने के बाद अब आलमगीर आलम की रिहाई से उनके समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। समर्थकों का कहना है कि उन्हें शुरुआत से न्यायपालिका पर भरोसा था और अब उनके नेता के बाहर आने से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा हुआ है।
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