Kolkata: पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने पदभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शासन व्यवस्था को लेकर स्पष्ट और सख्त संदेश दिया। सोमवार को राज्य सचिवालय नबान्न में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों से पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों के कड़ाई से पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।
सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक कार्यशैली में अनावश्यक राजनीतिक दिखावे से बचने की सलाह देते हुए कहा कि हर सरकारी कार्य और घोषणा में मुख्यमंत्री की प्रेरणा से जैसे वाक्यांशों का बार-बार इस्तेमाल करने की कोई आवश्यकता नहीं है। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के कार्यकाल में अधिकांश सरकारी योजनाओं और घोषणाओं में इस प्रकार के वाक्य नियमित रूप से उपयोग किए जाते थे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि शासन का उद्देश्य व्यक्तिपूजा नहीं बल्कि प्रभावी और जवाबदेह प्रशासन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र को जनता के हित में काम करना होगा और हर विभाग अपने कार्यों के लिए जिम्मेदार रहेगा।
बैठक में मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाल, गृह सचिव संघमित्रा घोष समेत विभिन्न विभागों के सचिव और प्रधान सचिव मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने विभागीय कमियों और प्रशासनिक लापरवाही को गंभीरता से लेने की बात कही और संकेत दिया कि भविष्य में अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
Held a high-level Administrative Review Meeting at Nabanna today with Chief Secretary Shri Dushyant Nariala (IAS), Home Secretary Smt. Sanghamitra Ghosh (IAS), DGP Shri Sidh Nath Gupta (IPS), and CP Kolkata Police Shri Ajay Nand (IPS) to take current stock of the Law & Order and… pic.twitter.com/WuNg7QlW7f
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) May 11, 2026
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सरकारी खर्चों में अनुशासन बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जरूरत के अनुसार खर्च किए जा सकते हैं, लेकिन जनता के पैसे की फिजूलखर्ची किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रशासनिक मशीनरी को परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनानी होगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री की यह पहली प्रशासनिक बैठक राज्य की नई कार्यशैली और शासन मॉडल की झलक मानी जा रही है। पारदर्शिता, जवाबदेही और खर्चों पर नियंत्रण को लेकर दिए गए संदेश को प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
ये भी पढ़ें: Sahibganj: डीहारी पेट्रोल पंप के पास पुलिस ने चलाया वाहन चेकिंग अभियान








