Dumka: दुमका के कन्वेंशन सेंटर में जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए किसानों, जनप्रतिनिधियों एवं कृषि विभाग के पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा, उपायुक्त अभिजीत सिन्हा एवं जिला परिषद उपाध्यक्ष सुधीर मंडल सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जॉयस बेसरा ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि ही समाज और मानव जीवन को स्थिरता प्रदान कर सकती है। उन्होंने कहा कि खेती केवल जीविकोपार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और समृद्धि का आधार है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोग खेती छोड़कर दूसरे राज्यों में रोजगार की तलाश में जा रहे हैं, जबकि आधुनिक तकनीक और योजनाबद्ध खेती के माध्यम से गांव में रहकर भी बेहतर आय अर्जित की जा सकती है। उन्होंने कृषि विभाग से गांव-गांव जाकर किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि पद्धति और वैकल्पिक खेती के प्रति जागरूक करने की अपील की।

उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि बदलते मौसम और कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली तकनीकों को अपनाना होगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत जिले के 5000 किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे सोलर आधारित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने किसानों को बहुफसली खेती अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि जिले के किसान अब स्ट्रॉबेरी, अंगूर, हल्दी जैसी नकदी फसलों की खेती कर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में कटहल प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को बाजार की बेहतर सुविधा मिलेगी। उन्होंने किसानों को मत्स्य पालन, बागवानी और फूलों की खेती से जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया। साथ ही कहा कि प्रत्येक प्रखंड में पौध संरक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां किसानों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि रानेश्वर प्रखंड में आधुनिक सुविधाओं से युक्त कृषक पाठशाला लगभग तैयार है, जहां किसानों को वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। किसानों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों के बेहतर उत्पादन पर भी ध्यान दें तथा अपने उत्पादों को उचित मूल्य मिलने तक कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखें।
कार्यक्रम में जिला परिषद उपाध्यक्ष सुधीर मंडल ने कृषि को रोजगार और आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत माध्यम बताते हुए किसानों से आधुनिक खेती की ओर आगे बढ़ने की अपील की। कर्मशाला के दौरान किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत खेती, जल संरक्षण, आधुनिक सिंचाई पद्धति, जैविक खेती, कीट नियंत्रण और विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान एवं कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
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