जेल से बाहर आते ही Alamgir Alam के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब, Ranchi से Pakur तक जश्न का माहौल

Upon his release from jail, a massive crowd surged in support of Alamgir Alam, creating a festive atmosphere stretching from Ranchi to Pakur.

Ranchi: झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री और पाकुड़ के पूर्व विधायक Alamgir Alam गुरुवार को रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से रिहा हो गए। सुप्रीम कोर्ट से सोमवार को जमानत मिलने के बाद से ही उनके समर्थकों में भारी उत्साह का माहौल था। गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे जैसे ही आलमगीर आलम जेल के मुख्य द्वार से बाहर निकले, वहां पहले से मौजूद हजारों समर्थकों ने “आलमगीर आलम जिंदाबाद” के नारों से पूरा इलाका गुंजा दिया।

Upon his release from jail, a massive crowd surged in support of Alamgir Alam, creating a festive atmosphere stretching from Ranchi to Pakur.

जेल से बाहर आने के बाद आलमगीर आलम सीधे अपने पुराने विधानसभा स्थित आधिकारिक आवास पहुंचे, जहां उनके स्वागत की भव्य तैयारियां की गई थीं। आवास को विशेष रूप से सजाया गया था और पाकुड़, बरहरवा, कोटालपोखर समेत संताल परगना और राज्य के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे समर्थक पिछले कई दिनों से उनके बाहर आने का इंतजार कर रहे थे। उनके पहुंचते ही समर्थकों ने जमकर पटाखे फोड़े और फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। इस दौरान समर्थकों ने आलमगीर आलम, उनकी विधायक पत्नी Nishat Alam और पुत्र तनवीर आलम के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की।

आलमगीर आलम के स्वागत के लिए कांग्रेस और महागठबंधन के कई बड़े नेता भी उनके आवास पहुंचे। झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री Deepika Pandey Singh, राजमहल सांसद Vijay Hansda, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Rajesh Thakur, प्रदेश अध्यक्ष Keshav Mahato Kamlesh समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। आलमगीर आलम ने भी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया।

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इस दौरान उनके पुत्र तनवीर आलम काफी भावुक नजर आए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से पूरा परिवार और समर्थक इस दिन का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा विश्वास था कि उनके पिता निर्दोष हैं और उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया था। तनवीर आलम ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद परिवार ने न्यायपालिका और ईश्वर पर भरोसा बनाए रखा और आज सत्य की जीत हुई है।

आलमगीर आलम की रिहाई के बाद पाकुड़ समेत पूरे संताल परगना की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनकी वापसी से क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं और कांग्रेस संगठन को भी नई मजबूती मिल सकती है।

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WASIM AKRAM
Author: WASIM AKRAM

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