Sahibganj: शेरशाहबादी समुदाय को जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच एक महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। बरहरवा प्रखंड मुख्यालय में शेरशाहबादी डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा 4 मई से 26 मई तक आयोजित अनिश्चितकालीन धरना के बाद अब प्रशासन ने इस मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह पहल पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और राजमहल विधायक एमटी राजा द्वारा दिए गए आश्वासन का परिणाम है।
धरना के अंतिम दिन 26 मई को पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और विधायक एमटी राजा धरना स्थल पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया था कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और इसके लिए एक जांच समिति का गठन किया जाएगा। अब उपायुक्त साहिबगंज के निर्देश पर आईटीडीए निदेशक की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन कर दिया गया है।
गठित समिति में परियोजना निदेशक आईटीडीए को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि अनुमंडल पदाधिकारी राजमहल, भूमि सुधार उप समाहर्ता राजमहल, अंचल अधिकारी बरहरवा तथा अंचल अधिकारी राजमहल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर शेरशाहबादी समुदाय के लोगों के खान-पान, रहन-सहन, वेशभूषा, भाषा और सांस्कृतिक परंपराओं का अध्ययन करेगी। इसके बाद विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को सौंपी जाएगी, जिसे आगे राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि शेरशाहबादी समुदाय की जाति प्रमाण पत्र संबंधी मांग को उन्होंने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर राज्य सरकार के स्तर पर भी पहल की जाएगी और कार्मिक विभाग के मंत्री सह मुख्यमंत्री Hemant Soren से मुलाकात कर समुदाय की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
समुदाय के लोगों ने जांच समिति के गठन का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इस प्रक्रिया से उनकी लंबे समय से लंबित मांग के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल होगी। समिति की रिपोर्ट पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।







