Sahibganj: सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों के प्रभावी प्रबंधन, त्वरित डेटा संकलन और पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, साहिबगंज में iRAD/eDAR प्रणाली से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस पदाधिकारियों और संबंधित कर्मियों को सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटना प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान eDAR पोर्टल के माध्यम से सड़क दुर्घटना से प्रभावित व्यक्तियों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर विशेष रूप से चर्चा की गई। साथ ही सभी थानों को iRAD/eDAR पोर्टल पर दुर्घटना संबंधी आंकड़ों की समय पर और सटीक प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटना मामलों के निष्पादन में पारदर्शिता और गति लाई जा सके।
कार्यक्रम में एल्कोहल ब्रेथ एनालाइज़र मशीन के उपयोग और शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों की जांच की मानक प्रक्रिया पर भी प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा हिट एंड रन मामलों के प्रभावी प्रबंधन, जांच प्रक्रिया और ऐसे मामलों में अपनाई जाने वाली आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी साझा की गई।
प्रशिक्षण सत्र में गुड सेमेरिटन (नेक नागरिक) से संबंधित प्रावधानों और उनके संरक्षण से जुड़े नियमों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटना के दौरान घायलों की मदद करने वाले लोगों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाए गए प्रावधानों की जानकारी आमजन तक पहुंचाना भी जरूरी है।
इस अवसर पर मुख्यालय डीएसपी रविकांत साव, iRAD/eDAR मैनेजर मनोज कुमार तथा एनआईसी के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, त्वरित केस प्रोसेसिंग और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने पर बल दिया गया।
जिला पुलिस प्रशासन ने इसे सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि तकनीक आधारित व्यवस्थाओं के बेहतर उपयोग से दुर्घटना प्रबंधन और पीड़ितों को राहत पहुंचाने की प्रक्रिया अधिक सशक्त और पारदर्शी बनेगी।







