Sahibganj: मिर्जाचौकी क्षेत्र में शनिवार सुबह हुई हल्की बारिश ने स्थानीय जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। कुछ घंटों की बारिश के बाद ही मिर्जाचौकी फाटक और आसपास के इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नाली और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश के साथ यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मिर्जाचौकी फाटक के समीप स्थित रेलवे पुल के नीचे लंबे समय से कचरा और गंदगी जमा है। इसके कारण वर्षा जल की निकासी बाधित हो रही है और पानी आसपास के क्षेत्रों में जमा हो रहा है। स्थिति यह है कि रेलवे ट्रैक और पटरियों के आसपास भी पानी भर गया, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले मानसून में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उनका मानना है कि रेलवे ट्रैक के आसपास लगातार जलजमाव रहने से आवागमन के साथ-साथ रेलवे संरचना पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
फाटक के निकट रहने वाले लोगों ने बताया कि बारिश का पानी घरों के आसपास जमा होने से दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए पूर्व में कई बार जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को आवेदन सौंपे गए थे। नाली निर्माण और बेहतर जल निकासी व्यवस्था की मांग भी लगातार उठाई जाती रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
रेल यात्रियों और ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन तथा जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मानसून की शुरुआत से पहले यदि आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र में जलभराव की समस्या और विकराल रूप ले सकती है। अब स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।







