Barharwa: साहिबगंज जिले के बरहरवा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की सतर्कता से तीन नाबालिग बच्चों को संभावित बाल श्रम और मानव तस्करी के जोखिम से बचाया गया। दिल्ली जाकर मजदूरी करने की मंशा से घर से निकले तीनों नाबालिगों को आरपीएफ ने रेस्क्यू कर सुरक्षित संरक्षण में भेज दिया।
जानकारी के अनुसार बुधवार 24 जून की सुबह आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार के नेतृत्व में बरहरवा रेलवे स्टेशन पर असामाजिक तत्वों, यात्री अपराधों एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम को लेकर विशेष चेकिंग और गश्त अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-01 के न्यू फरक्का छोर स्थित द्वितीय यात्री शेड के पास तीन नाबालिग बालक संदिग्ध अवस्था में अकेले घूमते हुए दिखाई दिए।
संदेह होने पर आरपीएफ टीम ने बच्चों को रोककर पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि तीनों नाबालिग झारखंड के गोड्डा जिले के रहने वाले हैं और बिना अपने अभिभावकों को सूचना दिए घर से निकल आए थे। बच्चों ने बताया कि वे दिल्ली जाकर गन्ने के खेतों में मजदूरी करने के उद्देश्य से बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ ने तत्काल बच्चों को अपनी सुरक्षा में लिया और उन्हें आरपीएफ पोस्ट बरहरवा लाया गया। इसके बाद बाल संरक्षण से जुड़ी संस्था मंथन, राजमहल को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर संस्था की प्रतिनिधि श्रीमती अनाशु मलाकर आरपीएफ पोस्ट पहुंचीं और बच्चों की काउंसलिंग की।
सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं और औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद आरपीएफ ने तीनों नाबालिग बच्चों को उनके संरक्षण, देखभाल और आगे की कार्रवाई के लिए मंथन, राजमहल, साहिबगंज के सुपुर्द कर दिया।
आरपीएफ अधिकारियों ने कहा कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में बाल तस्करी, बाल श्रम तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। समय रहते की गई कार्रवाई से तीनों बच्चों को संभावित शोषण और असुरक्षित परिस्थितियों में फंसने से बचाया जा सका।
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