Sahibganj: मुहर्रम की 10वीं तारीख पर साहिबगंज जिले में श्रद्धा, अनुशासन और पारंपरिक उत्साह के साथ ताजिया एवं अखाड़ा जुलूस निकाले गए। शहर सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। पारंपरिक लाठी-खेल, तलवारबाजी और अन्य पारंपरिक हथियारों के साथ किए गए करतब लोगों के आकर्षण का केंद्र बने। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
शुक्रवार की देर शाम साहिबगंज शहर के विभिन्न मुहर्रम कमेटियों की ओर से ताजिया और सिप्प्ल के साथ अखाड़ा जुलूस निकाला गया। जुलूस अपने-अपने मोहल्लों से निकलकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरा और देर रात इमामबाड़ों में पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस के दौरान अखाड़ा के खिलाड़ी पारंपरिक लाठी-डंडों और अन्य पारंपरिक हथियारों के साथ हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ रहे थे। जगह-जगह लोगों ने इन प्रदर्शनों का स्वागत किया।
राजमहल अनुमंडल क्षेत्र में भी मुहर्रम के अवसर पर विभिन्न स्थानों से ताजिया जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भाग लिया। जुलूस में पारंपरिक लाठी-खेल और अन्य पारंपरिक युद्धक कलाओं का प्रदर्शन किया गया। पूरे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
वहीं मंडरो प्रखंड के मिर्जाचौकी, तेतरिया, शाहाबाद, धनवासा, बुधूवाचक और बिशनपुर सहित कई गांवों में भी मुहर्रम के अवसर पर ताजिया जुलूस निकाले गए। तीनपहाड़ क्षेत्र में भी आकर्षक ताजिया के साथ अखाड़ा जुलूस निकला, जहां युवाओं ने पारंपरिक हथियारों के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन किया। इन कार्यक्रमों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
जिलेभर में मुहर्रम के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी और पुलिस अधिकारी लगातार जुलूसों की निगरानी करते रहे। शनिवार को मुहर्रम की 11वीं तारीख पर विभिन्न मुहर्रम कमेटियों की ओर से पहलाम जुलूस भी निकाला जाएगा, जिसके लिए प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।









