Jharkhand के DMFT में ₹2,000 करोड़ का घोटाला: तुहिन सिन्हा

₹2,000 crore scam in Jharkhand's DMFT: Tuhin Sinha
  • CBI जांच की मांग, बोकारो जिले में 500 करोड़ का हिसाब नहीं

Ranchi/New Delhi: झारखंड (Jharkhand) की हेमंत सोरेन (Hemant Soren) सरकार पर भाजपा (BJP) ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) में करीब 2,000 करोड़ रुपए के घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा (BJP) ने इस घोटाले को लेकर सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है और कांग्रेस (Congress) व राजद (RJD) पर यह सवाल उठाया है कि क्या बिहार (Bihar) चुनाव के लिए यही पैसा फंडिंग का जरिया है। पार्टी ने बताया कि 13 अक्टूबर को झारखंड हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई, जिसके बाद अदालत ने राज्य सरकार से चार हफ्तों में जवाब मांगा है।

नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कहा,

“खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए जो धन डीएमएफटी के जरिए जारी हुआ था, उसका बड़ा हिस्सा गबन कर लिया गया। अकेले बोकारो जिले में 631 करोड़ रुपए में से लगभग 500 करोड़ रुपए का कोई हिसाब नहीं मिला।”

उन्होंने दावा किया कि इस पूरे घोटाले का खुलासा सीएजी की रिपोर्ट और आरटीआई के जवाबों से हुआ है।

बोकारो जिले से शुरू हुआ आरोपों का सिलसिला

भाजपा के आरोपों की जड़ बोकारो जिले में है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पिछले महीने आरोप लगाया था कि डीएमएफटी फंड से 2024-25 और 2025-26 में 631 करोड़ रुपए निकाले गए और उसका दुरुपयोग हुआ। मरांडी ने आरोप लगाया कि पंचायत भवनों के लिए जनरेटर सेट की खरीद में बाजार मूल्य से कई गुना अधिक भुगतान किया गया। उदाहरण के तौर पर 46 जनरेटर सेट 7.97 लाख रुपए प्रति सेट की दर से और 31 सेट 12.28 लाख रुपए प्रति सेट की दर से खरीदे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि,

“यह घोटाला एक अधिकारी के स्तर पर नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण में हुआ है। सीएम के इशारे के बिना यह संभव नहीं।”

झामुमो का पलटवार, निगरानी समिति में BJP सांसद भी

मरांडी के आरोपों पर झामुमो ने पलटवार किया। पार्टी के प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि डीएमएफटी फंड की निगरानी के लिए एक समिति गठित है, जिसमें स्थानीय सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने कहा,

“जब गड़बड़ी हो रही थी, तब भाजपा सांसद क्या कर रहे थे? क्या मरांडी अपनी ही पार्टी के सांसद पर भी आरोप लगा रहे हैं?”

क्या है डीएमएफटी

डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) की स्थापना खनन प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों के लिए खान एवं खनिज विकास विनियमन संशोधन अधिनियम, 2015 के तहत की गई थी। यह एक गैर-लाभकारी संस्था है, जिसका उद्देश्य खनन से प्रभावित इलाकों में बुनियादी सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन खर्च करना है।

भाजपा का कहना है कि इसी फंड को हेमंत सोरेन सरकार ने आदिवासियों को लूटने का जरिया बना दिया। वहीं सत्तारूढ़ गठबंधन का कहना है कि आरोपों की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई होगी।

हाईकोर्ट ने सरकार से चार हफ्तों में जवाब मांगा है। भाजपा ने सीबीआई जांच की मांग तेज करने की बात कही है। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने कहा है कि इस मामले में जांच चल रही है।

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WASIM AKRAM
Author: WASIM AKRAM

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