Sahibganj: शहर के एनआरपी सेंटर स्कूल परिसर में श्री परशुराम अखाड़ा के तत्वावधान में आचार्य चाणक्य की जयंती एवं विश्व ब्राह्मण दिवस के अवसर पर सामाजिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आचार्य चाणक्य सहित उन महान ब्राह्मण विभूतियों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया, जिन्होंने राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
गोष्ठी में मंचासीन कृष्णा शर्मा, मनोज झा और संजय तिवारी सहित अन्य वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व ब्राह्मण दिवस और आचार्य चाणक्य जयंती भारतीय संस्कृति, ज्ञान, राष्ट्रनीति और सनातन परंपरा के गौरवशाली इतिहास को स्मरण करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक समाज का उत्सव नहीं, बल्कि ज्ञान, शिक्षा, संस्कार, त्याग और राष्ट्रसेवा की उस परंपरा का सम्मान है, जिसने भारतीय सभ्यता को दिशा दी है।
वक्ताओं ने कहा कि भारतीय समाज में ब्राह्मण समुदाय को सदैव ज्ञान और धर्म का मार्गदर्शक माना गया है। वहीं आचार्य चाणक्य ने अपने अद्वितीय ज्ञान, दूरदर्शिता और नीति कौशल से भारत के इतिहास को नई दिशा प्रदान की। उनके विचार आज भी राष्ट्र निर्माण और सुशासन के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
गोष्ठी में इस बात पर भी बल दिया गया कि यह दिवस केवल उत्सव मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सत्य, सेवा, संस्कार और मानवता के मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेने का अवसर भी है। वक्ताओं ने नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, इतिहास और महान व्यक्तित्वों के आदर्शों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ज्ञान ही सबसे बड़ी शक्ति है और एक शिक्षित एवं संस्कारी समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव रख सकता है।
कार्यक्रम में श्री परशुराम अखाड़ा के प्रमुख राजीव ओझा, उपाध्यक्ष रविकांत शर्मा, युवा संयोजक अंकित पांडेय, बच्चन पाठक, परमानंद उपाध्याय, जगदीश शर्मा, श्रवण शर्मा, श्रीकांत ओझा, शशिकांत ओझा, शंभू गोस्वामी, सदानंद गोस्वामी, आलोक ओझा, राकेश सिंह, शिवम वत्स, सोनी दुबे और ज्योति मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
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