Sahibganj: कृषि विभाग एवं आत्मा (एटीएमए) के संयुक्त तत्वावधान में जिला कृषि कार्यालय परिसर स्थित आत्मा सभागार में सोमवार को एक दिवसीय खेत बचाओ अभियान सह कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं जैविक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करते हुए मिट्टी की सेहत और खेतों की उत्पादकता को संरक्षित करने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक (आत्मा) प्रमोद एक्का ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से खेतों की उर्वरा शक्ति लगातार प्रभावित हो रही है। उन्होंने किसानों से जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट तथा हरी खाद के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि भूमि की गुणवत्ता को सुरक्षित रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कृषि वैज्ञानिक सुप्रिया एवं अन्य विशेषज्ञों ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के वैज्ञानिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को मिट्टी की जांच के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही जल संरक्षण के लिए टपकन एवं फव्वारा सिंचाई प्रणाली अपनाने पर जोर दिया गया, जिससे पानी की बचत के साथ फसल उत्पादन में भी वृद्धि हो सके।

गोष्ठी के दौरान आत्मा द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और किसानों को मिलने वाले अनुदान की भी विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में आयोजित प्रश्नोत्तर कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए किसानों ने खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं, फसलों में लगने वाले रोगों तथा उन्नत बीजों की उपलब्धता से संबंधित सवाल पूछे। कृषि विशेषज्ञों ने मौके पर ही किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान कर उन्हें आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम में जिला मूल्यांकन पदाधिकारी अरुण कुमार भोक्ता, आत्मा के उप-परियोजना निदेशक मंटू कुमार, विभिन्न प्रखंडों के तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार तथा बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसान उपस्थित रहे।
ये भी पढ़ें: Shekhpura: एडीजी अमित लोढ़ा को सौंपा गया भ्रष्टाचार का शिकायत पत्र, कार्रवाई की मांग से महकमे में हलचल







