Ranchi/New Delhi: झारखंड आंदोलन के महानायक और दिशोम गुरु के नाम से विख्यात शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) भावुक नजर आए। राष्ट्रपति भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में गुरुजी की पत्नी रूपी सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह सम्मान ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता के सम्मान को लेकर एक भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि उनके लिए बाबा शिबू सोरेन सदैव भारत रत्न थे और रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पद्म भूषण सम्मान केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है, बल्कि उन संघर्षों, मूल्यों और सपनों का सम्मान है, जिनके लिए दिशोम गुरु शिबू सोरेन जीवनभर अडिग होकर खड़े रहे। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन, आदिवासी अस्मिता, सामाजिक न्याय और झारखंड के अधिकारों की लड़ाई में गुरुजी का योगदान ऐतिहासिक, अद्वितीय और अविस्मरणीय है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी माता रूपी सोरेन ने यह सम्मान ग्रहण किया, जो गुरुजी के संघर्षपूर्ण जीवन की सच्ची सहभागी रही हैं। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्र सरकार के प्रति भी आभार व्यक्त किया तथा कहा कि यह सम्मान उन लाखों लोगों की भावनाओं का सम्मान है, जिनके अधिकारों और स्वाभिमान के लिए गुरुजी ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि दिशोम गुरु ने केवल झारखंड राज्य गठन आंदोलन का नेतृत्व ही नहीं किया, बल्कि देशभर के आदिवासी, दलित, शोषित और वंचित वर्गों के संघर्षों को भी नई दिशा दी। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण, शिक्षा के प्रसार और समाज को संगठित करने में उनकी भूमिका हमेशा प्रेरणादायी रहेगी।
उन्होंने कहा कि किसी भी पुरस्कार या सम्मान का महत्व उस भावना में निहित होता है, जिसके साथ वह दिया जाता है। देश ने आज पद्म भूषण के माध्यम से गुरुजी के योगदान को नमन किया है, लेकिन झारखंड सहित देशभर के करोड़ों लोगों के दिलों में उन्हें जो स्थान प्राप्त है, वह किसी भी सम्मान से कहीं बड़ा है।
हेमंत सोरेन ने अपने भावुक संदेश के अंत में लिखा कि किसी ने गुरुजी को महाजनी व्यवस्था के खिलाफ लड़ने वाला योद्धा कहा, तो किसी ने आदिवासियों और गरीबों के अधिकारों का प्रहरी। लेकिन उनके लिए वे ऐसे जननायक थे, जिन्होंने सत्ता से अधिक जनता के दिलों में अपनी जगह बनाई। उन्होंने कहा कि “हमारे लिए बाबा भारत रत्न थे और सदैव भारत रत्न रहेंगे।”
दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मान मिलने के बाद पूरे झारखंड में गर्व और सम्मान का माहौल है। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया है।
आज स्मृति शेष बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी को माननीय राष्ट्रपति आदरणीय श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा पद्म भूषण सम्मान से अलंकृत किया जाना उनके आजीवन संघर्ष, त्याग, जनसेवा और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण को दिया गया सम्मान है। बाबा के संघर्ष की साथी, आदरणीय माँ ने यह सम्मान… pic.twitter.com/VmUXbVOM47
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) June 23, 2026








