Dumka: झारखंड के दुमका जिले से शिक्षक द्वारा छात्रा की कथित पिटाई का गंभीर मामला सामने आया है। सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बनकाठी में कक्षा छह की छात्रा अनु मुर्मू के साथ मारपीट किए जाने का आरोप विद्यालय के प्रधानाध्यापक रणधीर मल्लाह पर लगा है। बताया जा रहा है कि सवाल का जवाब नहीं देने पर छात्रा की पिटाई की गई, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह अर्धमूर्छित हो गई। छात्रा को तत्काल फूलो झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है, जबकि शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के केंदपानी गांव की रहने वाली अनु मुर्मू पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थी। तबीयत खराब होने के बावजूद वह पढ़ाई के लिए विद्यालय पहुंची थी। इसी दौरान प्रधानाध्यापक कक्षा में बच्चों से सवाल-जवाब कर रहे थे। आरोप है कि छात्रा बीमारी के कारण पूछे गए प्रश्न का उत्तर नहीं दे सकी। कई बार पूछने के बाद भी जवाब नहीं मिलने पर प्रधानाध्यापक नाराज हो गए और उसकी पिटाई कर दी। मारपीट के बाद छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद विद्यालय की ओर से उसके परिजनों को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही छात्रा के पिता विद्यालय पहुंचे और उसे निजी वाहन से फूलो झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले गए। अस्पताल में भर्ती छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक ने उसे छड़ी से पीटा, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। हालांकि प्रधानाध्यापक रणधीर मल्लाह ने छड़ी से मारने के आरोप से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने केवल हाथ से मारा था। उनका कहना है कि छात्रा पहले से बीमार थी, इसलिए उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष कुमार हेम्ब्रम ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए संबंधित प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है और विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। जिला शिक्षा अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट में यदि प्रधानाध्यापक दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध विभागीय नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल छात्रा का इलाज अस्पताल में जारी है और शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं इस घटना ने विद्यालयों में बच्चों के साथ होने वाले व्यवहार और शारीरिक दंड जैसे गंभीर मुद्दों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।







