Bengal Assembly Election: कोलकाता में चल रहे मतदान के दौरान सियासी तनाव उस समय और बढ़ गया जब अभिनाश कबीराज स्ट्रीट इलाके से टकराव की खबर सामने आई। आरोप है कि Bharatiya Janata Party (BJP) के एक उम्मीदवार ने All India Trinamool Congress (TMC) के चुनावी कैंप पर हमला कर दिया, जिसके बाद इलाके में अफरातफरी और तनाव का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना अचानक उस वक्त भड़क उठी जब दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई। इस दौरान चुनावी कैंप में रखे सामान को नुकसान पहुंचने की भी सूचना है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ समय के लिए इलाके में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई थी और लोगों में भय का माहौल बन गया।
घटना को लेकर दोनों राजनीतिक दलों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। भाजपा पक्ष का दावा है कि उनके कार्यकर्ताओं को उकसाया गया, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने इसे सुनियोजित हमला करार देते हुए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश बताया है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच सच्चाई क्या है, यह अब जांच का विषय बन गया है।
सूचना मिलते ही पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की टीम मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने के लिए तत्काल कार्रवाई की। प्रशासन ने संवेदनशीलता को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है ताकि किसी भी तरह की पुनः हिंसा को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन पूरे घटनाक्रम पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। चुनाव के बीच इस तरह की घटनाओं ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और शांतिपूर्ण मतदान की चुनौती को सामने ला खड़ा किया है।
इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ाया है, बल्कि राज्य की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। आने वाले समय में जांच के निष्कर्ष और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस मामले को और अधिक अहम बना सकती हैं।
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